सारे एक्सचेंज में एक ही दिन होनी चाहिए एक्सपायरी : आशीष चौहान, एनएसई प्रमुख

देश में कारोबार कर रहे एक्सचेंजों में डेरिवेटिव सौदों के समाप्ति दिवस पर तना तनी कोई नयी बात नहीं है। हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा साप्ताहित समाप्ति सोमवार करने के एलान के बाद इसके एमडी और सीईओ आशीष चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान सारे एक्सचेंज की एक ही दिन एक्सपायरी करने की बात कही है।

“एक हो सबकी एक्सपायरी”

आशीष चौहान ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सभी एक्सचेंजों की एक्सपायरी एक ही दिन होनी चाहिए। डेरिवेटिव एक्सपायरी का एक मानक रवैया होना चाहिए। इससे कौशल के साथ बेहतर जोखिम प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। ऐसा न होने पर सभी एक्सचेंजो की एक्सपायरी अलग अलग होगी, जो स्वस्थ बाजार के लिए सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी एक्सचेंज अपने-अपने उत्पाद बाजार में ला सकते हैं। दैनिक एक्सपायरी की माँग भी कर सकते हैं। आने वाले समय में शनिवार-रविवार को भी को ट्रेडिंग की माँग कर सकता है। ऐसा हुआ तो सेबी की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी। सेबी बाजार से एक्सपायरी कम करने की कोशिश कर रहा है वो उसमें सफल नहीं हो पायेगा, क्योंकि हर एक्सचेंज अपनी अलग एक्सपायरी को लेकर बैठा होगा।

बाजार से जुड़े जोखिम पर बोले चौहान

आशीष चौहान ने बाजार में निवेश को सुरक्षित बनाने के लिए बाजार नियामक सेबी के प्रयासों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि सेबी ने बीते कुछ सालों में बाजार को सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इससे बाजार पर निवेशकों खास कर खुदरा निवेशकों का का भरोसा बढ़ा है। लेकिन इन कोशिशों के बावजूद बाजार में निवेश से जुड़े कई जोखिम हैं। अवधि चाहे छोटी हो या फिर बड़ी, हर एक के अपने अपने जोखिम हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बाजार में चमत्कार जैसा कुछ नहीं होता। इसलिए अगर कोई निवेशक चमत्कार का सपना सजाये बैठा है, तो उसका ये सपना कभी पूरा नहीं होने वाला, क्योंकि बाजार में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। वो उसकी प्रकृति है। ऐसा नहीं हो सकता है कि बाजार एकतरफा सिर्फ तेजी ही दिखाये। वो चढ़ेगा भी और गिरेगा भी।

एफऐंडओ में सट्टेबाजी सही नहीं

डेरिवेटिव्स के मुद्दे पर आशीष चौहान ने कहा कि भारत में डेरिवेटिव्स के कॉन्ट्रैक्ट साइज यूरोप और दूसरे देशों की तुलना में 5 से 10 गुना छोटे हैं। यानी अब भी इसमें बड़ी संभावना है। लेकिन परेशानी की बात ये है कि इसमें ओवर-ट्रेडिंग और सट्टेबाजी की समस्या खड़ी हो रही है। लेकिन सेबी इस पर भी कई कदम उठा चुका है और आगे भी उठाने वाला है। जिससे इस तरह की चीजों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

एनएसई ने क्यों बदली एक्सपायरी?

इसी हफ्ते एनएसई ने अपनी वीकली एक्सपायरी को गुरुवार की जगह सोमवार को करने का ऐलान किया था जो कि अगले महीने अप्रैल से लागू भी हो जाएगा। इसमें निफ्टी, निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी नेक्स्ट 50 सभी शामिल हैं। दरअसल, बीते कुछ सालों से बाजार में बीएसई की हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है और इस रेस में एनएसई पिछड़ रहा है। इसलिए अब एनएसई अपनी खोई हिस्सेदारी वापस पाना चाहता हे। उसे लगता है कि एक्सपायरी अगर गुरुवार की जगह हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को होगी तो उसकी हिस्सेदारी बढ़ सकती है। 

(शेयर मंथन, 10 मार्च 2025)

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