जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद सोना और चाँदी के भाव कमजोर क्यों है?
वैश्विक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम के बीच सोने और चाँदी की चाल को लेकर निवेशकों में काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है।
वैश्विक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम के बीच सोने और चाँदी की चाल को लेकर निवेशकों में काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है।
आईएमएफ (IMF) ने अनुमान लगाया है कि मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा तेजी से बढ़ेगी। इससे पहले आईएमएफ ने जनवरी में 6.5% ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जिसको अब 6.4% कर दिया है।
अनुराग जानना चाहते हैं कि उन्हें आईआरसीटीसी (IRCTC) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
एचडीएफसी बैंक को लेकर निवेशकों के बीच लगातार दिलचस्पी बनी हुई है, खासकर जब बात लंबी अवधि यानी 5 साल के निवेश की आती है।
वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता लगातार बढ़ती दिख रही है। हालिया घटनाक्रम में युद्धविराम की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
राजू कुमार प्रसाद जानना चाहते हैं कि उन्हें यस बैंक (YES Bank) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) सेक्टर को लेकर निवेशकों के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या इसमें आई तेजी के बाद अब वैल्यूएशन सही स्तर पर आ चुके हैं।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (ऑयल) की कीमतों को लेकर भविष्यवाणी करना आज के समय में लगभग असंभव हो गया है, क्योंकि इसमें भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन की बाधाएं और वैश्विक मांग जैसे कई अनिश्चित कारक शामिल हैं।
आईटी सेक्टर को लेकर इस समय बाजार में जो सबसे बड़ा डर है, वह केवल वैश्विक नीतियों या वीजा नियमों से जुड़ा नहीं है।
शेयर बाजार में निवेश करते समय सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि आखिर किस शेयर को चुना जाए। लेकिन किसी एक व्यक्ति या विशेषज्ञ से सीधे “नाम” लेने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि सही शेयर तक पहुंचा कैसे जाए।
आरबीआई की नीतियों को लेकर बाजार में जो चिंता उभर रही है, उसका मूल कारण बढ़ती महँगाई और रुपये पर दबाव है।
सीएलएसए इक्विटी स्ट्रैटेजी (सीएलएसए Equity Strategy) के विकास जैन ने 18 महीने तक भारतीय शेयरों पर मंदी का रुख बनाये रखने के बाद अब रचनात्मक (constructive) नजरिया अपना लिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) होने के साथ ही भारत का शेयर बाजार बीते सप्ताह जोरदार ढंग से उछला। इस सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी ने लगभग 6% की छलाँग लगायी, जो बीते कई वर्षों में सबसे जबरदस्त साप्ताहिक बढ़त है। निफ्टी का 24,000 के ऊपर बंद होना भी काफी अहम है।
एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें इरेडा (IREDA) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
अभिषेक कोठारी जानना चाहते हैं कि उन्हें अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?