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चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.2% रही है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग (एनएसओ) ने शुक्रवार (28 फरवरी) को अक्टूबर-दिसंबर 2024 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि के आँकड़े जारी किये। ये आँकड़ शेयर बाजार के बंद होने के बाद जारी किये गये।
इससे पहले सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार सात तिमाहियों के निचले स्तर 5.4% पर पहुँच गयी थी। इस तिमाही में धीमापन देखने को मिला था, जिसके लिए अर्थशास्त्रियों ने कमजोर शहरी माँग और आम चुनाव के कारण सरकारी खर्चों में देरी को जिम्मेदार ठहराया था।
तिमाही आधार पर ताजा आँकड़े राहत का संकेत हो सकते हैं, मगर सालाना आधार पर ये चिंताजनक हैं। सालाना आधार पर जीडीपी वृद्धि के आँकड़े पिछले साल की समान अवधि में 8.6% के मुकाबले 6.2% पर आ गये हैं। हालाँकि एनएसओ ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 6.5% रहने का अनुमान जताया है।
तीसरी तिमाही में जीवीए वृद्धि सालाना आधार पर 6.8% के मुकाबले 6.2% पर रही है। हालाँकि तिमाही आधार पर इसमें भी राहत मिली है और ये पिछली तिमाही में 5.6% से बढ़कर 6.2% पर आ गयी है। इस दौरान कृषि क्षेत्र में पिछली तिमाही में 4.1% के मुकाबले बढ़कर 5.6% रही है।
विनिर्माण क्षेत्र में भी सुधार नजर आ रहा है और इसमें पिछली तिमाही के 2.1% के मुकाबले 3.5% की बढ़त रही है। तीसरी तिमाही में निर्माण क्षेत्र के नतीजे निराशाजनक रहे और यहाँ दूसरी तिमाही में 8.7% के मुकाबले 7% की वृद्धि देखने को मिली है। हालाँकि वित्त और रियल एस्टेट क्षेत्र में वृद्धि 7.2% पर स्थिर रही है।
(शेयर मंथन, 28 फरवरी 2025)
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