
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के जनवरी-मार्च तिमाही के मुनाफे में साल दर साल आधार पर भारी गिरावट दर्ज की गयी है।
बैंक ने 2017 की जनवरी-मार्च तिमाही में 2,082.75 करोड़ रुपये के मुकाबले 2018 की समान अवधि में 45.17% गिरावट के साथ 1,141.93 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। मगर इस दौरान इसकी कुल आमदनी 28,603.29 करोड़ रुपये की तुलना में 18.02% की बढ़त के साथ 33,760.07 करोड़ रुपये हो गयी।
गौरतलब है कि सकल एनपीए बढ़ने का असर बैंक के मुनाफे पर पड़ा। वित्त वर्ष 2017-18 की आखिरी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक की सकल एनपीए 8.84% पर पहुँच गयी, जो 2016-17 की समान अवधि में 7.89% थी। मगर इसकी शुद्ध एनपीए 4.89% की तुलना में 4.77% रह गयी। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो बैंक की शुद्ध एनपीए में भी खासी बढ़त हुई, जो कि 2017 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.2% थी। इस कारण आईसीआईसीआई बैंक के प्रोविजन और आकस्मिक व्यय 3,463.52 करोड़ रुपये से 102.24% भारी वृद्धि के मुकाबले ?,004.72 करोड़ रुपये के रहे।
आईसीआईसीआई बैंक के लिए वित्तीय नतीजों में कई अन्य सकारात्मक चीजें भी हैं। साल दर साल आधार पर इसकी शुद्ध ब्याज आमदनी 5,962 करोड़ रुपये के मुकाबले 6,022 करोड़ रुपये, कुल ऋण 10.4% अधिक 5.12 लाख करोड़ रुपये और जमा लागत घट कर 5% से कम रही, जो पिछले कुछ सालों में न्यूनतम है। इसके अलावा बैंक की कुल जमा भी 14% बढ़ कर 5.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गये। वहीं इसकी सीएएसए (CASA) जमा 17% वृद्धि के साथ 2 9 लाख करोड़ रुपये और सीएएसए अनुपात 51.7% पर रहा।
बीएसई में आईसीआईसीआई बैंक में तेजी का रुख है। 289.40 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले यह 302.50 रुपये पर खुला है। करीब सवा 10 बजे बैंक का शेयर 18.20 रुपये या 6.29% की मजबूती के साथ 307.60 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथन, 08 मई 2018)
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