
पावर फाइनेंस (Power Finance) के निदेशक मंडल ने आरईसी (REC) में सरकार की पूरी हिस्सेदारी खरीदने को प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
दोनों पीएसयू कंपनियों के बीच सौदे से सरकार को करीब 15,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। सितंबर समाप्ति पर केंद्र सरकार की आरईसी में 57.99% और पावर फाइनेंस में 65.64% हिस्सेदारी है। हालाँकि ईटीएफ के बाद के सरकार के पास आरईसी की 52.63% हिस्सेदारी रह गयी है।
जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आगामी आम चुनाव से पहले सार्वजनिक कल्याण परियोजनाओं की वित्तीय मदद के लिए देश के बजट घाटे को कम करने के तरीके तलाश रही है। इससे पहले 2018 में ही इसी दिशा में ओएनजीसी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम की नियंत्रण हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था।
उधर बीएसई में पावर फाइनेंस का शेयर 98.55 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज मामूली बढ़त के साथ 99.45 रुपये पर खुला। हरे निशान में शुरुआत के बाद सुबह से ही पावर फाइनेंस का शेयर दबाव में है। करीब सवा 11 बजे कंपनी के शेयरों में 0.05 रुपये या 0.05% की मामूली गिरावट के साथ 98.50 रुपये पर लेन-देन हो रही है। वहीं आरईसी का शेयर इस समय 1.30 रुपये या 1.18% की गिरावट के साथ 108.45 रुपये के भाव पर है। (शेयर मंथन, 21 दिसंबर 2018)
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