
खबरों के अनुसार घाटे में चल रही जेट एयरवेज (Jet Airways) सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) के साथ 1,500 करोड़ रुपये का अल्पावधि ऋण प्राप्त करने के लिए बातचीत कर रही है।
इस ऋण के जरिये विमानन कंपनी की योजना कार्यकारी पूँजी जरूरतों और भुगतान दायित्वों को पूरा करने की है, जिनमें पायलटों का वेतन शामिल है। खबर है कि इस ऋण के लिए जेट एयरटेज की साझेदार और मध्य-पूर्व की प्रमुख विमानन कंपनी इतिहाद, जिसकी जेट एयरवेज में 24% हिस्सेदारी है, गारंटी दे सकती है।
पिछली लगातार तीन तिमाहियों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठाने वाली जेट एयरवेज पर सितंबर तिमाही के अंत तक करीब 8,052 करोड़ रुपये का ऋण था।
करीब 10 दिन पहले कंपनी के निदेशक मंडल की एक अनिर्धारित बैठक की खबर आयी थी, जिसमें बिना किसी नये निवेशक के पूँजी जुटाने के विभिन्न तरीकों पर विचार किया गया था। दरअसल कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल जेट एयरवेज का नियंत्रण नहीं छोड़ना चाहते हैं। 25 साल पहले गोयल ने ही जेट एयरवेज की स्थापना की थी।
जेट एयरवेज के निदेशक मंडल की बैठक में लागत घटाने के उपायों पर भी विमर्श किया गया था। इससे पहले कंपनी ने पूँजी जुटाने के लिए कई निवेशकों के साथ हिस्सेदारी बेचने को लेकर बात भी की है। मगर अभी तक किसी निवेशक के साथ बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है।
दूसरी तरफ बीएसई में जेट एयरवेज का शेयर 276.10 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 280.25 रुपये पर खुल कर 283.60 रुपये के ऊपरी भाव तक चढ़ा। अंत में यह 2.40 रुपये या 0.87% की बढ़ोतरी के साथ 278.50 रुपये के भाव पर बंद हुआ। वहीं पिछले 52 हफ्तों में कंपनी के शेयर का सर्वाधिक भाव 883.65 रुपये और निचला स्तर 163.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 31 दिसंबर 2018)
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