
नकदी संकट का सामना कर रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज (Jet Airways) ने 2 और विमानों का संचालन रोक दिया है।
कंपनी ने 2 मार्च को जानकारी दी कि पट्टा करार के तहत पट्टेदारों को विमानों के किराये का भुगतान न करने के कारण जेट एयरवेज के ये विमान अब जमीन पर खड़े हैं।
इसी वजह से फरवरी महीने से अब तक कंपनी को अपने कुल 23 विमान जमीन पर उतारने पड़े। वहीं जनवरी को मिल कर यह आँकड़ा 38 विमानों का है। इन दो विमानों के साथ जेट एयरवेज के करीब 20% विमान सेवा से बाहर हो गये हैं।
जानकारों का मानना है कि जेट एयरवेज को मार्च के अंत तक कुल 40 विमानों का संचालन रोकना पड़ सकता है। पहले जेट के बेड़े में 123 विमान थे, जिनके अप्रैल तक एक-तिहाई ही रह जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
खबर है कि जेट एयरवेज ने कुछ विमानों का भुगतान न किये जाने पर पट्टेदारों से नोटिस के बाद और कुछ को स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण संचालन रोका है। साथ ही इसने कुछ विमान पट्टेदारों को लौटा भी दिये हैं।
इससे पहले जेट एयरवेज के शेयरधारकों ने एक प्रस्तावित समाधान योजना (Resolution Plan) को मंजूरी दे दी थी। योजना में 11.4 करोड़ नये इक्विटी शेयर जारी करने और डेब्ट को इक्विटी में बदलने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे कंपनी के प्रमोटर और संस्थापक नरेश गोयल (Naresh Goyal) की जेट एयरवेज में हिस्सेदारी 51% से घट कर करीब 25% और इतिहाद (Etihad) की शेयरधारिता मौजूदा 24% से कम होकर 12% रह जायेगी।
हाल ही में नरेश गोयल ने कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में जेट एयरटेज को बचाने के लिए कोई भी 'बलिदान' देने की प्रतिबद्धता जतायी थी।
दूसरी तरफ बीते शुक्रवार को बीएसई में जेट एयरवेज का शेयर 11.85 रुपये या 5.32% की मजबूती के साथ 234.65 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 2,665.56 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 759.90 रुपये और निचला स्तर 163.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 04 मार्च 2019)
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